ये निराव कौन था ?
दरअसल रोम एक शहर का नाम है जो कि ईटली में स्थित है, नीरव रोम का सम्राट हुआ करता था, कहते हैं वर्ष 64 ईस्वीं में रोम में भयंकर आग लगी थी जो लगभग छह दिन तक जलती रही , वहां के लोग मर रहे थे लेकिन नीरव अपने धुन में मस्त होकर तमाशा देख रहा था।
भारत बनाम रोम और मोदी बनाम नीरव ?
आज भारत भी एक आग में झुलस रहा है रोम शहर की तरह और वो आग है कोरोना महामारी कि हमारे देश के प्रधानमंत्री चुनावी रैली कर रहे हैं, जनता से उनको कोई लेना देना नहीं है उनको तो बस सत्ता की भूख लगी है जिसके चलते मोदी जी नीरव की तरह मगन होकर अपनी मनमानी कर रहे हैं।
लोगों के मौत का जिम्मेदार कौन?
आज कोरोना महामारी के आये हुए एक साल से ज्यादा हो चूका है , लेकिन हमारी सरकार आज भी वहीँ खड़ी है जहाँ कल थी , शुरू -शुरू में तो इन्होने यह कह कर पल्ला झाड़ लिया था कि इस महामारी से लड़ने के लिए तैयार नहीं थे। लेकिन आज एक साल के बाद भी हमारी स्वास्थ व्यवस्था नहीं बदली , आज लोग ऑक्सीजन की कमी से अपनी जान गवां दे रहे हैं।
देश में क्या कुछ बदला CORONA काल में?
- ये बात व्यंग के साथ दर्ज होगी इतिहास में कि जब हमारे देश को अच्छे अस्पताल , स्कूल और कॉलेज इत्यादि कि जरुरत थी तो हमारे देश का प्रधानमंत्री मंदिर बनवा रहा था।
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अगर मंदिर से हमारे देश के लाखो लोग बच जाते तो आज पूरी दुनिया मंदिर ही बनवा लेती अपने लोगों को बचाएं के लिए।
- आज धर्म के नाम पर एक विशेष धर्म के लोग इकठ्ठा हो रहें हैं सिर्फ आस्था के नाम पर क्या वहाँ कोरोना नहीं है ? अगर
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आप इन बातों पर विचार करें तो ये साफ हो जायेगा कि सरकार की गलत नीतियों के चलते आज लाखों लोग मारे जा रहे हैं।
आप इन बातों पर विचार करें तो ये साफ हो जायेगा कि सरकार की गलत नीतियों के चलते आज लाखों लोग मारे जा रहे हैं।
:- राहुल गौतम


